__________________________ खामोश इकरार

खामोश इकरार

★ खामोश इकरार ★

दोस्तों, आज की मेरी यह कविता 'खामोश इकरार' उन जज़्बातों के बारे में है, जिन्हें हम शब्दों में नहीं, बल्कि आँखों की भाषा में महसूस करते हैं। अक्सर प्यार में सब कुछ कह देने से बेहतर, खामोशी से एक-दूसरे को समझ लेना होता है।

इस कविता में मैंने उसी अनकहे अहसास को पिरोने की कोशिश की है, जहाँ दो दिल बिना कुछ कहे ही एक-दूसरे के हो जाते हैं। यह कविता उन खूबसूरत पलों को दर्शाती है, जहाँ वक्त ठहर सा जाता है और बस प्यार की मौजूदगी ही काफी होती है।

अगर आपको भी कभी किसी के साथ वह सुकून भरी खामोशी पसंद आई है, तो यह कविता आपको बहुत अच्छी लगेगी। इसे पूरा ज़रूर पढ़ें और प्यार के इस सफर का आनंद लें...!

𝀈𝀈𝀈❤️𝀈𝀈𝀈

ख़ामोश लबों पर चाहत का इकरार रहने दो,

इन नज़रों को ही अपना गु़नहगार रहने दो,

करीब आओ कि साँसों की तपिश महसूस हो सके,

आज दरमियाँ हमारे, बस यह प्यार रहने दो...!

𝀈𝀈𝀈❤️𝀈𝀈𝀈

महकती रहे मेरी रूह तुम्हारी यादों की खुशबू से,

मुझ पर सरे-आम अपना ऐतबार रहने दो,

उलझने दो मेरी उँगलियों को तुम्हारी ज़ुल्फ़ों में,

वक़्त ठहर जाए, बस यही इंतज़ार रहने दो...!

𝀈𝀈𝀈♥️𝀈𝀈𝀈

हल्की सी ये छुअन और नज़रों का ये संगम,

मुझ पर खुदा की बस यही रहनुमाई रहने दो,

ना मैं कुछ कहूँ, ना तुम कुछ कहो लबों से आज,

धड़कनों को ही दिल का हाल-ए-बयां करने दो,

आज सिमट जाने दो मुझे तुम्हारी इन बाहों में,

हमारे बीच सिर्फ और सिर्फ बेइंतहा प्यार रहने दो...!

𝀈𝀈𝀈♥️𝀈𝀈𝀈

👉 शुक्रिया 👈

आपकी अपनी 🌹 

Ahasas Dayri 📕

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कुछ अनकहे सवाल (आपका नजरिया):-

खामोश इकरार इस कविता को लिखने के बाद, मेरे मन में कुछ सवाल हैं:-

● इस कविता में आपको कौन सी शब्द सबसे ज्यादा दिल को छू लेने वाली लगी ?

● क्या आप मानते हैं कि प्यार में जुबान से ज्यादा नजरें सच बोलती हैं ?

● कविता की कौन सी लाइन आपको सबसे ज्यादा खूबसूरत लगी ?

● इस कविता को पढ़ते समय आपको कैसा महसूस हुआ ? (सुकून, उदासी या प्यार)

● नीचे कमेंट्स में अपनी अहसास साझा करें।

लेखिका की कलम से(निष्कर्ष):-

इस कविता का सार यही है कि सच्चा प्यार शब्दों का मोहताज नहीं होता। कभी-कभी खामोशी में कही गई बातें, शब्दों से कहीं ज्यादा अर्थपूर्ण और गहरी होती हैं। जब दो दिल एक-दूसरे की भावनाओं को बिना कुछ कहे समझ लेते हैं, तो वही प्यार का सबसे खूबसूरत और शुद्ध रूप होता है।

यह कविता हमें यह अहसास दिलाती है कि किसी खास इंसान की मौजूदगी और उनकी नजरों में छिपा प्यार ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। उम्मीद है कि 'खामोश इकरार' ने आपको भी उस सुकून भरी खामोशी की याद दिलाई होगी, जहाँ दुनिया की भीड़ से दूर केवल दो दिलों की धड़कनें सुनाई देती हैं। अगर आपने भी कभी प्यार को शब्दों के पार जाकर आँखों से महसूस किया है, तो अपने उन अनकहे अहसासों को हमारे साथ जरूर साझा करें।

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1 Comments

  1. बहुत सुंदर कविता मुझे बहुत अच्छा लगा और भी ऐसी कविता भेजो

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