__________________________ सहेली से पराई होने तक का सफर

सहेली से पराई होने तक का सफर

 ★ सहेली से पराई होने तक का सफर ★

दोस्तों, आज की मेरी यह कविता मेरी अपनी सहेली की कहानी है, जिसे मैंने अपनी आँखों के सामने सहेली से 'पराई' होते देखा है। यह सिर्फ रस्मों की बात नहीं है, बल्कि उस तकलीफ की कहानी है जब दिल अपनी सबसे प्यारी दोस्त को विदा करते समय अंदर से टूट रहा होता है।

इस कविता में मैंने उन अहसासों को लिखा है जो मैंने उस दिन महसूस किए थे। आँखों में आंसू थे, पर उसकी खुशी के लिए चेहरे पर मुस्कान भी थी। भले ही दुनिया की रस्मों ने हमारे बीच की दूरी बना दी हो, पर हमारा रिश्ता आज भी पहले जैसा ही है।

अगर आपने भी अपनी सहेली की विदाई पर ऐसा कुछ महसूस किया है, तो यह कहानी आपको अपनी लगेगी। इसे पूरा ज़रूर पढ़ें...!

~~~🎊~~~~

सगाई का दिन था,

तू बहुत खुश थी, 

आंखे नम थी मेरी,

पर तुझे दिखा ना सकीं, 

तुझे खोने के डर से,

मैं कितनी डरी थी,

सच कहूँ तुझसे, 

तुझे देखूंगी तो रो दूँगी,

बस यही सोच के नहीं आई,

तेरी दोस्त होकर भी,

मैं तेरी खुशी देख ना पाई...!

~~~~🎊~~~~

लगा जैसे अब तु मुझसे,

बहुत दूर हो जाएगी, 

बचपन का वो,

प्यारा सा साथ छुट जाएगी,

वो फेरे वो कसमें,

वो तेरा पराया होना, 

मेरे लिए आसान नहीं था,

मुझे तोड़ रहीं थीं ये दुनिया की रस्में...!

~~~~🎊~~~~

आज भी ये फोटो,

जब जब मैं देखती हूँ,

उन बीते हुए लम्हों की,

यादों मे खो जाती हूँ, 

आंखे भर आती है,

पर दिल अब मुस्कराता है, 

हमारा रिश्ता आज भी,

सबसे गहर कहलाता है, 

भले ही तू आज,

किसी और के घर की शान है, 

पर याद रखना पगली,

तू ही मेरी जान है...!

~~~~🎊~~~~


👉 शुक्रिया 👈 

आपकी अपनी 🌹 

Ahasas Dayri 📕

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कुछ अनकहे सवाल (आपका नजरिया):-

इस कविता को लिखने के बाद, मेरे मन में कुछ सवाल हैं:-

● क्या आपकी भी कोई ऐसी 'पगली' सहेली है, जिसके बिना आप अपनी लाइफ इमेजिन नहीं कर सकते ? 

● क्या आपको भी अपनी बेस्ट फ्रेंड की शादी या सगाई के ख्याल से रोना आता है ?

● अपनी बेस्ट फ्रेंड के साथ बिताया हुआ वह एक पल बताएं जो आप कभी नहीं भूल सकते ?

● क्या शादी के बाद आपकी दोस्ती और गहरी हुई या दूरियाँ आ गईं ? 

● नीचे कमेंट्स में अपनी अहसास साझा करें।

 लेखिका की कलम से(निष्कर्ष):-

"सहेली से पराई होने तक का सफर" कविता सहेलियों के बीच के उस अटूट और निस्वार्थ प्रेम को दर्शाती है, जिसे समय और रस्में कभी नहीं मिटा सकतीं। कविता का मुख्य संदेश यह है कि भले ही शादी के बाद एक सहेली को दूसरे घर जाना पड़ता है और भौतिक दूरियां बढ़ जाती हैं, लेकिन मन का रिश्ता पहले जैसा ही गहरा बना रहता है। यह उन सभी के लिए एक भावनात्मक अनुभव है, जिन्होंने अपनी सबसे प्रिय सहेली की विदाई के दर्द को महसूस किया है।

अंततः, यह कविता हमें यह अहसास दिलाती है कि दोस्ती केवल साथ रहने का नाम नहीं है, बल्कि यह वह रूहानी बंधन है जो उम्र भर साथ रहता है। चाहे जिंदगी हमें अलग-अलग रास्तों पर ले जाए, पुरानी यादें और बचपन के वे खट्टे-मीठे पल हमेशा हमें जोड़कर रखते हैं। यह एक ऐसी विदाई की कहानी है, जहाँ आँखों में आंसू तो हैं, लेकिन दिल में अपनी सहेली की नई खुशियों के लिए ढेर सारी दुआएं और अटूट विश्वास है। यह कविता यह साबित करती है कि दूरियां सिर्फ दूरी हैं, दिलों का रिश्ता हमेशा ज़िंदा रहता है।

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1 Comments

  1. बहुत सुंदर कविता शादी के बाद दूरिया आती है पर दोस्ती वही रहती है

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