★ मेरी अधुरी कहानी ★
दोस्तों, आज की यह कविता 'मेरी अधूरी कहानी' उस हिम्मत, दर्द और अधूरेपन की दास्तान है, जो हर उस इंसान के दिल में होती है जिसका प्यार कभी मुकम्मल नहीं हो पाया। जब हम अपनी तकदीर खुद लिखने की कोशिश करते हैं और उन पुरानी यादों के पन्नों को फाड़ देना चाहते हैं जो हमें सिर्फ दर्द देती हैं, तब भी कहीं न कहीं वो अधूरा अहसास हमारे लफ़्ज़ों में उतर ही आता है।
इस कविता के माध्यम से मैंने उसी तड़प को शब्दों का रूप देने की कोशिश की है, जहाँ लाख चाहने के बाद भी जब कलम कागज़ को छूती है, तो स्याही उसी के ज़िक्र से बिखर जाती है। भले ही इंसान अपनी कहानी का अकेला नायक बन जाए, लेकिन हर मोड़ पर उस एक खास इंसान की कमी हमेशा खलती रहती है।
यह कविता हमसे यह भी पूछती है कि क्या वाकई अधूरी कहानियाँ ही अक्सर सबसे ज़्यादा यादगार होती हैं? उम्मीद है कि दिल के इस अधूरे पन्ने और इस गहरे अहसास को समेटती यह कविता आपके दिल को ज़रूर छुएगी...!
मेरी किस्मत की स्याही अब मेरी मुट्ठी में है,
अपनी तकदीर का हर पन्ना मैं ही लिखूँगी,
जो यादें बोझ बनीं, जो लम्हें दर्द दे गए,
उन बीते हुए पन्नों को आज फाड़ दिए मैंने...!
मगर सच है कि कलम जब काग़ज़ को छूती है,
तो हर लफ़्ज़ में तेरा अक्स उभर आता है,
मैं लाख चाहूँ कि मुकम्मल हो मेरी दास्ताँ,
पर ज़िक्र तेरा, मेरी स्याही को बिखेर जाता है...!
तेरे बिन बहारें अब बस एक कोरा सा काग़ज़ हैं,
तेरे बिना ये ज़िन्दगी अब अधूरी लिखूँगी,
भले ही मैं हूँ अपनी कहानी की एकमात्र नायिका,
पर हर मोड़ पर तेरी कमी को ज़रूरी लिखूँगी...!
मिटा दिए हैं मैंने वो अध्याय जहाँ हम एक थे,
मगर ख़ाली जगहों पर मलाल की कहानी होगी,
मेरा वजूद तो रहेगा, मेरा नाम भी ऊँचा होगा,
पर मेरी हर कविता में तेरी ही निशानिशा होगीं...!
👉 शुक्रिया 👈
आपकी अपनी 🌹
Ahasas Dayri 📕
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कुछ अनकहे सवाल (आपका नजरिया):-
इस कविता को लिखने के बाद, मेरे मन में पाठकों के लिए कुछ सवाल हैं:-
● क्या आप मानते हैं कि 'अधूरी कहानियाँ ही अक्सर सबसे यादगार होती हैं ?
● क्या आपकी कहानी में भी कोई ऐसा 'अधूरा पन्ना' है ?
● इस कविता में आपको सबसे अच्छी लाइन कौन सी लगी ?
● क्या आप भी अपनी कहानी खुद लिखना पसंद करते हैं ?
● अधूरी कहानी ज्यादा खूबसूरत होती है या पूरी ?
● नीचे कमेंट्स में अपनी अहसास साझा करें।
लेखिका की कलम से (निष्कर्ष):-
अंततः,'मेरी अधूरी कहानी' महज़ कागज़ पर उतरी चंद पंक्तियाँ नहीं हैं, बल्कि यह उन जज़्बातों का सफ़र है जिसे हम अक्सर अपनी रूह के किसी कोने में दबाए रखते हैं। जब मैं यह कविता लिख रहा था, तब मुझे अहसास हुआ कि कभी-कभी मुकम्मल होने से ज़्यादा, अधूरा रह जाना सुकून देता है, क्योंकि अधूरी कहानियाँ ही हमें जीवन भर याद रहती हैं। यह कविता उन्हीं तमाम रास्तों का अक्स है, जहाँ हम अपनी तकदीर खुद लिखने चले थे, लेकिन एक खूबसूरत अधूरेपन पर आकर ठहर गए। उम्मीद है कि मेरी स्याही से निकले ये शब्द आपकी रूह में कहीं न कहीं अपनी जगह बना पाए होंगे।
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1 Comments
कहानी अधुरी होती हैं या पूरी होती हैं लेकिन अधूरी कहानी ही बेस्ट होती हैं।
ReplyDeleteशब्दों में ढालिए अपने खयालात,
हम सुनने को बेताब हैं। ✍️📖
दिल से दिल तक पहुँचे जो अहसास,
वही तो सबसे खास हैं। 🤗💖
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अपना आशीर्वाद दीजिए 🙌