★ मरहम - सिसकियों से सजदा तक ★
( हक और हमसफर )
दोस्तों, आज की मेरी यह कविता 'मरहम - सिसकियों से सजदा तक' उस गहरे और सुकून भरे अहसास को समर्पित है, जहाँ हमें जीवन के अंधेरे रास्तों में एक रोशनी यानी 'हमसफर' का साथ मिलता है। अक्सर जब हम टूट जाते हैं और उम्मीदें दम तोड़ने लगती हैं, तब किसी का हाथ थाम लेना ही हमें फिर से जीने का हौसला देता है। यह कविता उन जज्बातों का निचोड़ है, जहाँ एक-दूसरे पर हक जताना बोझ नहीं, बल्कि एक-दूसरे का सहारा और सुकून बनना है। यह उस निस्वार्थ प्रेम की कहानी है जो हमारे हर मर्ज की दवा और जीवन का किनारा बन जाता है। उम्मीद है, यह कविता उन लम्हों को बयां कर पाएगी, जो शब्दों से ज्यादा एक-दूसरे के प्रति भरोसे और साथ में महसूस किए जाते हैं। इस कविता को जरूर पढ़ें...!
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इजाज़त की क्या बात, ये हक ही तुम्हारा हैं,
अँधेरे रास्तों में, तुम ही तो सितारा हो,
बुझे दीयों को फिर से रोशन कर लो तुम,
किस्मत का पन्ना, चाहों तो फिर भर लो तुम...!
𝀈𝀈𝀈👫𝀈𝀈𝀈
𝀈𝀈𝀈👫𝀈𝀈𝀈
गर सांसों में घुटन हैं, तो हवा बन जाऊं मैं,
तुम्हारें हर मर्ज की, दवा बन जाऊं मैं,
खिड़की क्या, पूरा दिल ही तुम्हारा हैं,
इस उलझे हुए जीवन का, तू ही किनारा हैं...!
𝀈𝀈𝀈👫𝀈𝀈𝀈
𝀈𝀈𝀈👫𝀈𝀈𝀈
थकी आँखों को अब हकीकत का दीदार मिले,
पुरानी किताबों को, नया सा किरदार मिले,
तुम मरहम बनो, या खुद को सुलझा लो,
बस एक बार मुस्कुरा कर, खुद को सजा लो...!
𝀈𝀈𝀈♥️𝀈𝀈𝀈
To be continued....
👉 शुक्रिया 👈
आपकी अपनी 🌹
Ahasas Dayri 📕
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कुछ अनकहे सवाल (आपका नजरिया):-
इस कविता को लिखने के बाद, मेरे मन में कुछ सवाल हैं:-
● इस कविता में आपको कौन सा शब्द सबसे ज़्यादा "सुकून" देने वाला लगा ? (जैसे: हक, सितारा, मरहम या किनारा)
● क्या आपके पास भी कोई ऐसा 'हमसफर' है जो आपके अंधेरे रास्तों में 'सितारे' जैसा साथ देता है ?
● क्या आपको भी लगता है कि अपनों की एक मुस्कुराहट हमारे हर मर्ज की दवा बन सकती है ?
● "किस्मत का पन्ना फिर से भरना"—इस बात से आप कितना सहमत हैं ? क्या हमें हर दिन को नई शुरुआत मानना चाहिए ?
● नीचे कमेंट्स में अपनी अहसास साझा करें।
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लेखिका की कलम से (निष्कर्ष):-
'मरहम - सिसकियों से सजदा तक' हमें यह सिखाती है कि जीवन के हर पन्ने को हम अपनी मर्जी और अपनों के साथ से फिर से लिख सकते हैं। जब हमारे पास एक ऐसा हमसफर हो जो हमारी सिसकियों को मुस्कुराहट में बदल दे, तो कठिन से कठिन रास्ते भी आसान हो जाते हैं। यह कविता हमें याद दिलाती है कि बीती हुई बातों को पीछे छोड़कर एक नई शुरुआत करना ही जीवन की असली खूबसूरती है। अंत में, सच्चा प्रेम केवल साथ रहने का नाम नहीं, बल्कि एक-दूसरे के जख्मों पर मरहम लगाने और मिलकर खुशियों की नई दास्तान लिखने का नाम है। उम्मीद है कि यह कविता आपके दिल को एक नया संबल देगी और आपको अपने हमसफर के साथ एक नए कल की ओर बढ़ने की प्रेरणा देगी।





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