__________________________ खामोश मोहब्बत

खामोश मोहब्बत

 ★ खामोश मोहब्बत ★

( एक रानी की कहानी )

दोस्तों, आज की यह कविता 'खामोश मोहब्बत' एक ऐसी रानी की दास्तान है जिसका शरीर तो किसी और का हो गया, पर उसकी रूह हमेशा अपने सच्चे प्यार के पास ही रही। समाज के नियमों और दिल के जज्बातों के बीच पीसती एक स्त्री की इस कहानी को मैंने शब्दों के ज़रिए बयां करने की कोशिश की है। उम्मीद है आपको यह अहसास पसंद आएगा...!

☙♥☙

कहानी सुनाती हूं रानी की,

एक राजा की दीवानी की,

बातें मधुर वह करती,

पर मन वीरान हर पल रहती...!

☙♥☙

एक अनचाहा राजा पास है उसके,

दूजा चाहा हुआ, ध्यान में जिसके,

वो जिससे बंध गई रस्मों से,

उसे सम्मान देती हैं,

मगर जो रूह में बसा,

उसे ही जान कहती है...!

☙♥☙

लोगाें को लगता है,

कि वो किस्मत की धनी है,

पर कोई न जाने उसकी हस्ती,

कैसे बनी है,

किसी की आंखों में आंसु है,

किसी की होंठो पर मुस्कान,

छिपा रखी है जग से मोहब्बत की दास्तान...!

☙❤☙

वो दीवानी आज भी उन पुरानी यादों की है,

जो कैद है कहीं,

उन अनकही मुलाकातों की है,

वो मुस्कुराती है,

ताकि दुनियां सवाल न करे,

कहीं उसके आँसू राजा को बदहाल न करे,

अजीब है ये मोहब्बत का दस्तूर भी,

पास होकर भी वो है मीलों दूर भी...!

☙❤☙

खुदा की मर्जी थी,

वो रानी आज किसी की हस्ती थीं,

पर कमी उसे राजा की खलती थी,

एक रानी जिसके थे दो राजा,

एक से की शादी पर,

दूजे की आज भी दीवानी...!

〜〜000〜〜


👉 शुक्रिया 👈


आपकी अपनी 🌹 

Ahasas Dayri 📕

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कुछ अनकहे सवाल (आपका नजरिया):-

प्यार की इस कविता को लिखने के बाद, मेरे मन में कुछ सवाल हैं :-

● क्या रानी का अपने 'चाहे हुए' राजा को याद करना सही है, या उसे अपने वर्तमान को स्वीकार कर लेना चाहिए ?

● समाज की रस्मों और दिल की आवाज़ में से आप किसे ज्यादा अहमियत देते हैं ?

● रानी को दुनिया 'किस्मत की धनी' मानती है, पर वह दुखी है। क्या धन-दौलत अधूरे प्यार की कमी पूरी कर सकते हैं ?

● क्या शरीर से किसी और का होना और रूह से किसी और का, इसे आप बेवफाई मानेंगे या सच्ची मोहब्बत ?

● आपके हिसाब से इस कहानी का अंत क्या होना चाहिए ? क्या रानी को कभी अपनी मोहब्बत मिल पाएगी ?

● नीचे कमेंट्स में अपनी अहसास साझा करें।

निष्कर्ष:-(Conclusion)

'खामोश मोहब्बत' कविता समाज के उन कठोर नियमों और दिल की दबी हुई भावनाओं के बीच के संघर्ष को दर्शाती है, जहाँ अक्सर इंसान का शरीर तो किसी और के साथ बंध जाता है, पर रूह किसी और के नाम की धड़कती है। यह कविता बताती है कि दुनिया की नजरों में जो जीवन सफल और खुशहाल दिखता है, जरूरी नहीं कि वह अंदर से भी वैसा ही हो। रानी की यह कहानी हमें सिखाती है कि मोहब्बत केवल साथ रहने का नाम नहीं, बल्कि खामोशी से किसी को ताउम्र यादों में बसाए रखने का नाम है, भले ही वह शख्स हकीकत में मीलों दूर हो। अंततः, यह कविता हमें सोचने पर मजबूर करती है कि समाज की मर्यादाओं और सच्चे प्रेम के बीच का यह फासला कभी मिटता है या केवल यादों के सहारे ही जिंदगी का सफर कटता है।

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