★ मोहब्बत की वो अनकही कहानी ★
नजारों में वो सबसे हसीन नजारा था,
किस्सा वो हमारी मोहब्बत का सबसे प्यारा था,
बड़ी दिलचस्प मेरी चाहत की वो कहानी थी,
वो राजा था मेरा, और मैं उसकी रानी थी...!
वो साथ था, तो हर दिन एक नया सवेरा था,
उसकी बातों में छुपा, खुशियों का बसेरा था,
थोड़ा पागल सा था वो, मैं भी उसकी दीवानी थी,
बस उसे ही देखूँ, मैंने तो बस यही ठानी थी...!
मिजाज़ का जिद्दी था, पर दिल का साफ था,
मेरे हर नखरे को सहना, उसका ही इन्साफ था,
प्यार उसका ऐसा, जो रूह तक समाता था,
मेरी हर एक बेचैनी को, वो पल में सुलझाता था...!
वो सबर का दरिया, और मैं थोड़ी सी नादान थी,
वही तो मेरी धड़कन, वही मेरी जान थी,
एक सीधा-साधा सा लड़का, मेरी दुनिया बन गया,
बिखरी हुई इस जिंदगी में, खुबसूरत सा रंग भर गया...!
अब यादों के झरोखे में, वही चेहरा पुराना है,
वो गुजरा हुआ कल जैसे, कोई हसीन ज़माना है,
फासले चाहे जो भी हों, पर वो दिल के पास रहता है,
मेरी हर एक धड़कन में, बस उसका नाम बहता है...!
🌸 शुक्रिया 🌸
आपकी अपनी 🌹
Ahasas Dayri 📕
● फासले चाहे जो भी हों, पर वो दिल के पास रहता है— क्या आप भी मानते हैं कि सच्ची मोहब्बत में दूरियाँ मायने नहीं रखतीं ?
● इस कविता की आपकी फेवरेट लाइन कौन सी है ?
● क्या आपको भी अपनी "राजा-रानी" वाली कहानी याद आ गई ?
● आप स्वभाव से कैसे हैं—सबर का दरिया या थोड़े से नादान ?
● क्या आपको लगता है कि दूर होने के बाद भी प्यार दिल में रहता है ?
● नीचे कमेंट्स में अपनी अहसास साझा करें।







2 Comments
Beautiful poetry ✨️
ReplyDeleteLovely 😍
ReplyDeleteशब्दों में ढालिए अपने खयालात,
हम सुनने को बेताब हैं। ✍️📖
दिल से दिल तक पहुँचे जो अहसास,
वही तो सबसे खास हैं। 🤗💖
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अपना आशीर्वाद दीजिए 🙌