__________________________ घबराहट:- मन की एक हलचल

घबराहट:- मन की एक हलचल

 घबराहट:- मन की एक हलचल

दोस्तों, कभी-कभी हमारा मन किसी अनजान डर या सवालों के चक्रव्यूह में इस कदर उलझ जाता है कि बाहर से सब कुछ शांत दिखने पर भी अंदर एक तूफान सा मचा होता है। आज की यह कविता 'घबराहट: मन की एक हलचल' उसी मानसिक कशमकश को बयां करती है। यह उन लम्हों का आईना है जब हम खुद को किसी अनहोनी की आशंका से घिरा हुआ पाते हैं। यह कविता उस साहस की कहानी है, जो हमें इस घबराहट के अंधेरे से बाहर निकालकर धैर्य और हौसले की रोशनी की ओर ले जाती है। उम्मीद है कि यह कविता आपके उन अनकहे डर और संघर्षों को आवाज़ देगी, जिन्हें आपने भी कभी न कभी महसूस किया है...!

𝀈𝀈𝀈🪸𝀈𝀈𝀈

दिल में मची है एक अजीब सी हलचल,

साँसों में जैसे घुल गया हो बेचैन कल,

ख्वाबों के गलियारों में सन्नाटा है छाया,

अनजाने से एक डर ने, घेरा है लगाया...!

𝀈𝀈𝀈🪸𝀈𝀈𝀈

सोचती हूँ जब भी कुछ नया करने का इरादा,

सामने आ खड़ा होता है डर बनकर एक बाधा,

कल की फिक्र में डूबा आज का हर शोर है,

सवालों के चक्रव्यूह में उलझा मन का छोर है...!

𝀈𝀈𝀈🪸𝀈𝀈𝀈

पर ठहरूँगी नहीं, ये धड़कन जो ज़ोरों से धड़कती है,

ये तो बस अनहोनी की आहट मात्र से डरती है,

हकीकत के आईने में तो अभी सब कुछ शांत है,

ये बेचैनी तो बस मन के भीतर का एक भ्रांत है...!

𝀈𝀈𝀈🪸𝀈𝀈𝀈

अब गहरी एक साँस भरूँगी, आँखें मूँदूँगी,

घबराहट की इस कमज़ोर डोर को हिम्मत से तोड़ूँगी,

वक्त की ये लहरें भी आखिर किनारा पाएँगी,

धैर्य की किरणें ये गहरा अंधेरा मिटाएँगी...!

𝀈𝀈𝀈🪸𝀈𝀈𝀈

मैं कोई बेजान पत्थर नहीं, बहती एक धारा हूँ,

खुद पर यकीं है मुझे, मैं अपना ही सहारा हूँ,

ये पल भी ढल जाएगा, ये बादल भी छँटेंगे,

हौसलों के आगे ये सारे तूफान सिमटेंगे...!

𝀈𝀈𝀈🪸𝀈𝀈𝀈

👉 शुक्रिया 👈

आपकी अपनी 🌹 

Ahasas Dayri 📕

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घबराहट से बचने और निपटने के उपाय:-

धैर्य का दामन थामें:- घबराहट के समय धैर्य रखना बहुत जरूरी है। यह घबराहट को कम करने में मदद करता है।

साहस दिखाएं:- खुद पर विश्वास रखें और साहस के साथ स्थिति का सामना करें।

सकारात्मक दृष्टिकोण:- यह समझें कि घबराहट मन का केवल एक "भ्रम" या "अस्थायी बादल" है जो टिकने वाला नहीं है।

स्वयं पर विश्वास:- इस बात का दृढ़ विश्वास रखें कि आप एक "बेजान पत्थर" नहीं, बल्कि एक "बहती हुई धारा" हैं जो बाधाओं को पार करने में सक्षम है।

आंखें मूंदकर गहरी सांस लेना:- कविता में घबराहट को दूर करने के लिए "गहरी सांस" लेने का उल्लेख किया गया है। घबराहट होने पर आंखें बंद करके गहरी सांस लेने से मन को शांत होने में सहायता मिलती है।

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कुछ अनकहे सवाल (आपका नजरिया):-

घबराहट इस कविता को लिखने के बाद, मेरे मन में कुछ सवाल हैं:-

● जब आप बहुत ज्यादा घबराहट महसूस करते हैं, तो उसे शांत करने के लिए आप सबसे पहले क्या करते हैं ?

● क्या आपके जीवन में कभी ऐसा समय आया है जब डर के बावजूद आपने आगे बढ़ने का फैसला लिया हो ? अपना अनुभव साझा करें।

● क्या आप मानते हैं कि घबराहट अक्सर हमारे मन का एक 'भ्रम' होती है, जैसा कि कविता में कहा गया है ?

● यदि कोई दोस्त इस समय घबराहट महसूस कर रहा हो, तो आप उसे हिम्मत देने के लिए क्या कहेंगे ?

● नीचे कमेंट्स में अपनी अहसास साझा करें।

लेखिका की कलम से (निष्कर्ष):-

'घबराहट: मन की एक हलचल' हमें यह सीख देती है कि जीवन में आने वाली हर उलझन और बेचैनी केवल समय का एक अस्थायी बादल है, जो टिकने वाला नहीं है। जब हम अपनी घबराहट को स्वीकार कर धैर्य का दामन थामते हैं, तो वही ठहराव हमें फिर से जीने का हौसला देता है। यह कविता इस विश्वास को पुख्ता करती है कि हम कोई बेजान पत्थर नहीं, बल्कि एक बहती हुई धारा हैं जो हर बाधा को पार करने का सामर्थ्य रखती है। अंत में, घबराहट महज एक मन का भ्रम है, जिसे अपने आत्म-विश्वास और साहस से पूरी तरह मिटाया जा सकता है। 

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2 Comments

  1. Dar ke aage jit hai 👍

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  2. So nice Har feeling ki apni story hoti h so wonderful 😊

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