★ देवदूत का दूसरा नाम ★
दोस्तों, आज की यह कविता 'देवदूत का दूसरा नाम' जिंदगी के उस नाज़ुक मोड़ की दास्तान है जब इंसान खुद को बीमारी और लाचारी के आगे पूरी तरह बेबस महसूस करता है। जब सांसों की डोर छूटने लगती है और उम्मीदें दम तोड़ने लगती हैं, तब इस धरती पर भगवान की परछाई बनकर कोई हमारे सामने आकर खड़ा हो जाता है। इस कविता के माध्यम से मैंने सफेद कोट पहने उन डॉक्टरों के निस्वार्थ त्याग, मरीजों के प्रति उनके गहरे अहसास और दिन-रात सेवा में जुटे उनके जज्बातों को शब्दों का रूप देने की कोशिश की है। उम्मीद है कि आभार और सम्मान के इन अहसासों को समेटती यह कविता आपके दिल को ज़रूर छुएगी...!
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सफेद कोट में छिपी सादगी,
आँखों में विश्वास है,
मरीज़ की हर एक धड़कन का,
उन्हें गहरा एहसास है,
ईश्वर का रूप बनकर,
जो जीवन की डोर थामते हैं,
मौत के पंजे से खींचकर,
जो खुशियाँ वापस लाते हैं...!
शल्य क्रिया के सूक्ष्म कौशल से,
जो जीवन को नया आकार देते हैं,
चीरे के उस निशान में भी,
वे उम्मीदों के फूल भर देते हैं...!
आधी रात हो या दिन का उजाला,
वे सदा तत्पर रहते हैं,
दूसरों के दर्द को समझकर,
वे धैर्य का पाठ पढ़ते हैं,
न थकते हैं, न रुकते हैं,
सेवा ही जिनका धर्म है,
मानवता के इस महायुद्ध में,
वे ही सबसे बड़े रक्षक हैं...!
जब उम्मीदें टूटने लगती हैं,
और थक जाता है सारा संसार,
तब वे हाथ बढ़ाते हैं बनकर,
एक अटूट सहारा और प्यार,
नमन है उन हाथों को,
जिनमें स्वास्थ्य का वरदान है,
सच्चे अर्थों में डॉक्टर ही,
इस धरा की असली शान हैं...!
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👉 शुक्रिया 👈
आपकी अपनी 🌹
Ahasas Dayri 📕
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कुछ अनकहे सवाल (आपका नजरिया):-
● क्या कभी किसी डॉक्टर ने आपकी या आपके परिवार की उम्मीद तब जगाई जब सब हार मान चुके थे ?
● निस्वार्थ सेवा करने वाले डॉक्टरों के लिए आप कमेंट में 'थैंक यू' या कोई प्यारा संदेश लिखना चाहेंगे ?
● क्या आप मानते हैं कि डॉक्टर का प्यार भरा शब्द ही मरीज़ की आधी बीमारी ठीक कर देता है ?
● कविता की कौन सी पंक्ति आपको सबसे ज्यादा दिल को छू लेने वाली लगी ?
● क्या आप इस बात से सहमत हैं कि डॉक्टर के हाथों में ईश्वर का दिया हुआ "स्वास्थ्य का वरदान" होता है ?
● डॉक्टर अपनी नींद और आराम छोड़कर हमारी सेवा करते हैं, उनके इस त्याग के लिए आप क्या कहना चाहेंगे ?
● नीचे कमेंट्स में अपनी अहसास साझा करें।
लेखिका की कलम से (निष्कर्ष):-
अंत में, यह कविता डॉक्टरों के प्रति हमारा आभार है। वे अपनी नींद और आराम छोड़कर दूसरों की जान बचाने में लगे रहते हैं, इसलिए उन्हें धरती का 'देवदूत' कहना बिल्कुल सही है। जब मरीज हार मान लेता है, तब डॉक्टर का साथ और उनका भरोसा ही उसे नई ज़िंदगी देता है। यह कविता हमें याद दिलाती है कि डॉक्टर केवल दवा नहीं देते, बल्कि उम्मीद और हिम्मत भी देते हैं। हम सभी को इन निस्वार्थ सेवा करने वाले योद्धाओं का हमेशा सम्मान करना चाहिए, क्योंकि उन्हीं की बदौलत हम स्वस्थ और खुशहाल जीवन जी पाते हैं।


1 Comments
🙏🙏
ReplyDeleteशब्दों में ढालिए अपने खयालात,
हम सुनने को बेताब हैं। ✍️📖
दिल से दिल तक पहुँचे जो अहसास,
वही तो सबसे खास हैं। 🤗💖
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अपने अहसास शेयर कीजिए 🤝🤗
अपना आशीर्वाद दीजिए 🙌