__________________________ रिहाई (जाने दे रहीं हूं)

रिहाई (जाने दे रहीं हूं)

  ★ रिहाई ★

     (जाने दे रही हूँ)

जाने दे रहीं हूं, 

आसान नहीं है दूरी फिर भी, 

उम्मीदों से परे हैं, 

खिलोनों सा प्यारा साथ हैं, 

मायूसी मेरी उनके लिए,

परेसानी की वजह बने, 

ख्वाहिश हैं उड़ने की, 

उड़ाने मैं कैसे रोकूं, 

दोस्ती से बढ़कर हैं, 

दिलों का साथ, 

मैं हमेशा साथ हुँ, 

बनकर परछाई रहो में तेरी,

बस जाने दे रहीं हूँ, 

कुछ बनने की वजह दे रहीं हूं, 

आँसू जब सुखेगे,

तो हौसले की चमक होगी,

उन हौसले में मेरी, 

खामोश कुर्बानी ही,

उसकी कामयाबी लिखेगी, 

जीत उसकी होगी, 

तो जश्न मेरी होगी, 

दुआओं में हर पल मेरी, 

उसकी खुशी होगी,

जाने दे रहीं हूँ, 

क्युकी जरूरी अभी यही होगी...!


🌸 शुक्रिया 🌸 


आपकी अपनी 🌹 

Ahasas Dayri 📕


● क्या अपनों की कामयाबी के लिए उन्हें खुद से दूर जाने देना ही असली प्यार है ?


● "बनकर परछाई राहों में तेरी"—इस लाइन पर आपकी क्या राय है ?


● क्या आप भी मानते हैं कि किसी के सपनों के लिए अपनी भावनाओं को पीछे रखना जरूरी है ?


● कविता में 'खामोश कुर्बानी' का जिक्र है, क्या आपने कभी किसी के लिए ऐसा महसूस किया है ?


● "जीत उसकी होगी, तो जश्न मेरा होगा"—क्या यह निःस्वार्थ प्रेम की सबसे सुंदर परिभाषा है?


● नीचे कमेंट्स में अपनी अहसास साझा करें।



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3 Comments

  1. खूबसूरत कविता रिहाई

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  2. दुआओं में हर पल मेरी,
    उसकी खुशी होगी!

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