★ स्कूल की वो तीन दोस्त ★
वो स्कूल की छुट्टी का हम तीनों को इंतज़ार,
और फिर साथ में वो घर जाना,
छोटी-सी बात पर रूठना कभी,
फिर एक 'सॉरी' से मान जाना...!
वो घंटों फोन पर तीनों बिना वजहे बाते करना,
कहीं भी जाना बस साथ जाना,
वो चाट- गुपचुप के चटखारे,
कभी बरसातों में छतरी के नीचे,
बुनते थे हम सपने हज़ारों...!
स्कूल की हम तीनों पुरानी सहेली,
पता नहीं अब कहाँ खो गई,
एक ने मांग में सिंदूर भर लिया,
दूसरी घर के कामों में उलझ गई...!
एक बहू बन के सब सह गई,
दूसरी पत्नी बन के संभल जाएगी,
एक माँ बनी तो अपनी पूरी दुनिया,
बस बच्चों के नाम कर गई...!
जो कल टिफिन साथ खाती थी,
आज दुख भी मुझ से कह नहीं पाती,
जो हर बात पे हँसती रहती थी,
आज हँसने की वजह खोजती रह जाती है...!
एक बार जो बिछड़े हम तीनों,
फिर वैसा साथ नहीं मिल पाया,
न वो क्लास रही, न वो बातें,
बस यादों का साया रह गया...!
कभी फोन की कॉल लिस्ट में,
नाम तुम दोनों का सबसे ऊपर था,
पुरानी फोटो वाली गैलरी में,
बस मुस्कुराते थे हम तीनों...!
अब देखूँ उन पुरानी फोटो को,
तो आँखें थोड़ी भर आती हैं,
सच तो ये है कि हम आगे बढ़ गए,
पर दोस्ती हमारी वहीं रुक जाती है...!
🌸 शुक्रिया 🌸
आपकी अपनी 🌹
Ahasas Dayri 📕
● स्कूल की वो कौन सी एक बात है जो आपको आज भी सबसे ज्यादा याद आती है ?
● आप अपने ग्रुप में किसके टिफिन का सबसे ज्यादा इंतज़ार करते थे ?
● क्या आपका भी कोई ऐसा दोस्त है जिससे लड़ाई तो बहुत हुई, पर एक 'सॉरी' ने सब ठीक कर दिया ?
● स्कूल की मस्ती और आज की 'बिजी लाइफ' में आपको सबसे बड़ा बदलाव क्या लगता है ?
● जब आप अपनी पुरानी स्कूल वाली फोटो देखते हैं, तो आपके मन में पहला ख्याल क्या आता है ?
● नीचे कमेंट्स में अपनी अहसास साझा करें।









2 Comments
Nice
ReplyDeleteबहुत गहरी दोस्ती है
ReplyDeleteशब्दों में ढालिए अपने खयालात,
हम सुनने को बेताब हैं। ✍️📖
दिल से दिल तक पहुँचे जो अहसास,
वही तो सबसे खास हैं। 🤗💖
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