🌹 तुम्हारी दोस्त मुझे भैया कहती है,
उसकी भाभी बनोगी क्या 🌹
वो मासूमियत से जब मुझे,
भैया पुकारती है,
सच कहूँ तो रूह तक,
मेरी मुस्कुराती है,
पर उस एक रिश्ते के पीछे,
एक अधूरा सा ख्वाब है,
मेरे हर सवाल का,
बस तुम ही तो जवाब हो...!
वो मुझे भैया कहे,
तो ये सर-आँखों पर मंज़ूर है,
मगर मेरे दिल की,
धड़कन का भी एक दस्तूर है,
क्या उसकी भाभी बनकर,
मेरा घर महकाओगी,
क्या इस उम्र भर के सफर में,
मेरा साथ निभाओगी...!
उसकी ज़ुबां पर मेरा नाम,
एक दुआ की तरह रहे,
और तेरा-मेरा रिश्ता,
मोहब्बत की फिज़ा में बहे,
वो ननद का हक जताए,
तुम वफ़ा का नूर बनना,
मैं उसका भैया रहूँगा,
तुम बस मेरा सुकून बनना...!
🌸 शुक्रिया 🌸
आपकी अपनी 🌹
अहसास डायरी 📕
● क्या 'भैया' पुकारने वाली उस मासूमियत ने कभी आपके दिल को भी छुआ है ?
● आपके लिए जीवन में असली 'सुकून' का मतलब क्या है ?
● क्या आपका भी कोई ऐसा 'अधूरा ख्वाब' है जिसे आप पूरा करना चाहते हैं ?
● ननद और भाभी के रिश्ते को आप एक शब्द में क्या कहेंगे ?
● एक उम्र भर साथ निभाने वाले साथी में आप कौन सी खूबी सबसे पहले देखते हैं ?
● इस कविता की कौन सी लाइन आपको सबसे ज्यादा पसंद आई ?
● नीचे कमेंट्स में अपनी अहसास साझा करें।





5 Comments
बहुत सुंदर 🥰
ReplyDeleteHahaha beautiful poetry love it
ReplyDeleteLovely 😍
ReplyDelete80% boys ki Feelings yahi hai amazing 👏
ReplyDeleteI enjoyed reading it🥰
ReplyDeleteशब्दों में ढालिए अपने खयालात,
हम सुनने को बेताब हैं। ✍️📖
दिल से दिल तक पहुँचे जो अहसास,
वही तो सबसे खास हैं। 🤗💖
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