__________________________ अधूरी पर अमर मोहब्बत

अधूरी पर अमर मोहब्बत

 

★ अधूरी पर अमर मोहब्बत ★

वो हाथ जो हाथों में न आए,

वो ख्वाब जो हकीकत न बन पाए,

शायद वो इस जमीन के थे ही नहीं,

तभी तो खुदा ने उन्हें फलक पे सजाए...!

यहाँ मिलन का दस्तूर नहीं था,

किस्मत को शायद ये मंजूर नहीं था,

पर जो यहाँ टूटकर बिखर जाते हैं,

वही तो सितारों में उभर आते हैं...!

न कोई गिला, न कोई शिकायत है,

ये जुदाई भी खुदा की एक इनायत है,

दुनिया की नजरों में जो हार गए,

वो रूह की दुनिया में जीत गए...!

ज़मीन की बंदिशों से दूर चले गए,

वो बादलों में छुपकर नूर बन गए,

जो यहाँ मुकम्मल न हो सकी दास्ताँ,

वो अब आसमाँ का गुरूर बन गए...!



🌸 शुक्रिया 🌸 


आपकी अपनी 🌹 

अहसास डायरी 📕


● क्या आपको भी लगता है कि कुछ कहानियां अधूरी रहकर ही अमर हो जाती हैं ?


● आपके हिसाब से 'रूह की जीत' किसे कहते हैं ?


● क्या जुदाई को सच में खुदा की इनायत माना जा सकता है ?


● किस्मत और मोहब्बत के इस खेल पर आपकी क्या राय है ?


● क्या जुदाई प्यार को और भी ज्यादा गहरा बना देती है ?


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3 Comments

  1. Adhuru kahani hi duniya me yaad rakhi jati hai♥️

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  2. Adhuri but khubsurat poetry ✨️

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  3. Wow I like it 👌

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