★ खामोशी ★
वो जो चाँद था,
अब बादलों में कहीं खो गया है,
सितारों से पूछो,
ये दिल कितना तन्हा हो गया है,
ज़मीन पर ढूँढा जिसे,
वो अब फलक का किस्सा है,
मेरी कहानी का सबसे,
खूबसूरत पर अधूरा हिस्सा है।
बरसों की मेहनत थी,
यादों की एक एक ईट से जोड़ी थी,
पर एक ज़िद की आंधी ने,
हर उम्मीद ही तोड़ दी,
वो रिश्ते जो कभी,
मिसाल हुआ करते थे जमाने में,
आज तमाशा बन गए,
चंद झूठे बहाने में।
दिन तो गुजर जाता है,
दुनिया की भाग-दौड़ में,
अजीब बेचैनी होती है,
रातों के इस अंधेरे में,
आज सन्नाटा चीखता है,
और खामोश है जुबाँ।
परवाह की जगह अब,
अनदेखी का पहरा है,
ये जख्म पुराना नहीं,
आज भी बहुत गहरा है,
किस्मत रूठी है तो क्या,
दिल में यादें साथ है,
कभी बातों के दरिया खत्म नहीं होते थे,
आज सिर्फ ख़ामोशी हैं...!
🌸 शुक्रिया 🌸
आपकी अपनी 🌹
Ahasas Dayri 📕
● क्या आपको भी लगता है कि कुछ कहानियाँ अधूरी रहकर ही ज्यादा खूबसूरत होती हैं ?
● क्या कभी आपने रातों के सन्नाटे में अपनी ही यादों को चीखते हुए महसूस किया है ?
● जब गहरे रिश्ते 'झूठे बहानों' की भेंट चढ़ जाते हैं, तो उस वक्त खुद को कैसे संभालना चाहिए ?
● क्या आपके पास भी कोई ऐसी यादों का घर है जिसे आपने सालों की मेहनत से संजोया था ?
● आज के दौर में सच्ची 'परवाह' ज्यादा देखने को मिलती है या सिर्फ 'अनदेखी' का पहरा ?
● नीचे कमेंट्स में अपनी अहसास साझा करें।





0 Comments
शब्दों में ढालिए अपने खयालात,
हम सुनने को बेताब हैं। ✍️📖
दिल से दिल तक पहुँचे जो अहसास,
वही तो सबसे खास हैं। 🤗💖
अपने विचार लिखिए 🤔
अपने अहसास शेयर कीजिए 🤝🤗
अपना आशीर्वाद दीजिए 🙌