__________________________ भ्रष्टाचार का अंधेरा

भ्रष्टाचार का अंधेरा

  ★ भ्रष्टाचार का अंधेरा ★

बड़े-बड़े वादे करके,

सबने कुर्सी पाई है,

मगर देश की किस्मत में,

बस धोखा ही नसीब में आई है,

नेता जी मुस्कुराते हैं,

महलों के अंदर बैठ के,

जनता यहाँ सिसक रही,

महँगाई की मार लपेट में...!

गरीबों का पसीना था,

जो सरकारी में जमा था,

लुटेरों ने उसे लूटा,

जैसे वो कोई इनाम था,

कहीं सोने की चोरी है,

कहीं वतन को बेचा है,

क्या इसीलिए शहीदों ने,

अपना खून मातृभूमि पर सींचा है...!

दफ्तर जाओ तो,

बिना दाम के काम नहीं होता,

बेईमानों के चेहरे पर,

अब शर्म का नाम नहीं होता,

फाइलें दबी रहती हैं,

जब तक जेब गरम ना हो,

क्या इंसानों के दिल में,

अब थोड़ी भी शरम नहीं हैं...!

पर याद रहे ये बात उन्हें,

जो देश को खा रहे हैं,

वे अपनी ही कब्र यहाँ,

खुद ही खोदते जा रहे हैं,

जब जागेगी ये देश की जनता,

तो सिंहासन भी हिलेगा,

हर एक बेईमान का यहाँ,

फिर कच्चा चिट्ठा खुलेगा...!

भारत देश हमारा प्यारा है,

इसे हमें बचाना होगा,

भ्रष्टाचार को जड़ से, अब

हमें मिटाना होगा...!



🌸 शुक्रिया 🌸 


आपकी अपनी 🌹

Ahasas Dayri 📕


● नेता जी वोट मांगते समय तो हाथ जोड़ते हैं, पर जीतने के बाद गायब क्यों हो जाते हैं? क्या आपके इलाके में भी ऐसा होता है ?


● अमीर और अमीर हो रहा है, और गरीब महंगाई में पिस रहा है। इसका असली जिम्मेदार आप किसे मानते हैं ?


● क्या बढ़ती महंगाई के पीछे आपको भ्रष्टाचार एक बड़ा कारण लगता है ? अपनी राय दें।


● हम अक्सर सिस्टम को दोष देते हैं, पर क्या हम खुद कभी छोटे कामों के लिए रिश्वत देकर इस सिस्टम को बढ़ावा नहीं देते ?


● नीचे कमेंट में अपनी अहसास साझा करें ?

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