__________________________ तू आईना है मेरे अहसासों का

तू आईना है मेरे अहसासों का

 ★ तू आईना है मेरे अहसासों का ★

दोस्तों, आज की मेरी यह कविता 'तू आईना है मेरे अहसासों का' उस पाकीज़ा अहसास को समर्पित है, जिसे हम अपनी रूह के सबसे करीब रखते हैं। अक्सर जिंदगी के सफर में हमें कोई ऐसा मिल जाता है, जिसके चेहरे में हमें अपनी खुशी, अपना सकून और अपना वजूद नज़र आने लगता है। यह कविता उन जज्बातों का आइना है, जहाँ सामने वाला सिर्फ एक इंसान नहीं, बल्कि हमारी अधूरी कहानी का वो हिस्सा बन जाता है जो हमें पूरा करता है। उम्मीद है, यह कविता उन अनकहे लफ्जों को बयां कर पाएगी, जिन्हें हम दिल की गहराई में महसूस तो करते हैं, मगर शायद सही शब्दों में कभी कह नहीं पाते...!

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तू नूर है मेरी रातों का,

तू सार है मेरी बातों का,

तू सुकून है बरसातों का,

तू प्यार है जज्बातों का,

और क्या बोलूं तुझे मैं,

तू आईना है मेरे अहसासों का...!

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नज़र है तेरी हिफाज़त वाला,

मुस्कान है राहत देने वाला,

अंदाज़ है रूह में बसने वाला,

बाहें है जन्नत सा अहसास देने वाला,

और क्या बोलूं तुझे मैं,

तू आईना है मेरे अहसासों का...!

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लब हैं तेरे या जाम हया का 

तेवर हैं तेरे या रज़ा खुदा का,

शख्सियत है या मूरत वफ़ा का,

तू दवा है मेरे हर एक ज़ख्म का,

और क्या बोलूं तुझे मैं,

तू आईना है मेरे अहसासों का...!

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तू प्यास है मेरी तड़पती रूह की,

तू आस है मेरी हर एक जुस्तजू की,

तू महक है मेरे मन के आंगन की,

तू धड़कन है मेरी बेजान सी धड़कन की,

और क्या बोलूं तुझे मैं,

तू आईना है मेरे अहसासों का...!

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तेरी खामोशी भी है जैसे इकरार कोई,

तेरा साथ है जैसे रूहानी ख्वाब कोई,

नज़रें हैं तेरी जैसे पाक दुआ कोई,

तू मिला तो लगा जैसे खुदा मिल गया,

और क्या बोलूं तुझे मैं,

तू आईना है मेरे अहसासों का...!

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मुझमें जो बाकी है, वो तेरा ही अहसास है,

मेरी अधूरी कहानी का तू ही इतिहास है,

मैं आईना देखूँ, तो तेरा अक्स नज़र आता है,

तेरा नाम मेरी हर धड़कन को महकाता है,

और क्या बोलूं तुझे मैं,

तू आईना है मेरे अहसासों का...!

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तेरा मुस्कुराना जैसे अंधेरे में पहली किरण,

तेरी मौजूदगी से खिल उठता है मेरा तन-मन,

तू मन्नत है मेरी हर मुश्किल की राह में,

तू ही चैन है मेरी बेचैन सी पनाह में,

और क्या बोलूं तुझे मैं,

तू आईना है मेरे अहसासों का...!

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                            𝀈𝀈𝀈♥️𝀈𝀈𝀈

👉 शुक्रिया 👈 

आपकी अपनी 🌹 

Ahasas Dayri 📕

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कुछ अनकहे सवाल (आपका नजरिया):-

इस कविता को लिखने के बाद, मेरे मन में कुछ सवाल हैं:-

● क्या आपने कभी किसी के व्यक्तित्व में खुदा का अक्स महसूस किया है ?

● आपके लिए 'सुकून' का असली मतलब क्या है—किसी का साथ या उनकी यादें ?

● क्या आप मानते हैं कि कभी-कभी शब्दों से ज्यादा 'खामोशी' सब कुछ कह देती है ?

● क्या आपकी ज़िंदगी में भी कोई ऐसा है जिसमें आप खुद को देखते हैं ?

● नीचे कमेंट्स में अपनी अहसास साझा करें।

लेखिका की कलम से(निष्कर्ष):-

इस कविता के जरिए मैंने उस रूहानी रिश्ते को शब्दों में समेटने की कोशिश की है, जो मुकम्मल होने के बाद इबादत जैसा लगने लगता है। 'तू आईना है मेरे अहसासों का' का मतलब सिर्फ एक दूसरे को देखना नहीं, बल्कि एक-दूसरे के अक्स में खुद को पहचानना है। यह कविता उन लोगों के लिए है, जिनके पास आज भी कोई ऐसा है जिसकी मुस्कुराहट उनकी सबसे बड़ी पनाह और जिसकी मौजूदगी जिंदगी का सबसे खूबसूरत मंज़र है। उम्मीद है, यह कविता आपके दिल के उन जज्बातों को फिर से ज़िंदा कर देगी, जिन्हें आप अपनी सबसे कीमती याद मानकर संजोते हैं।

अगर आप मेरी पुरानी कविता 'तुम और मैं' पढ़ना चाहते हैं, तो [यहाँ क्लिक करें]

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2 Comments

  1. Wow 👌 lovely 😍

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  2. Heart touching kavita pdh kar kuch yaad aa gaya.

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