__________________________ इश्क रूहानी

इश्क रूहानी

 ★ इश्क रूहानी

दोस्तों, आज की मेरी यह कविता 'इश्क रूहानी' उस पवित्र और गहरे जज्बात को समर्पित है, जो शरीर की सीमाओं से कहीं ऊपर है। अक्सर हम प्रेम को सिर्फ आकर्षण समझ लेते हैं, लेकिन सच्चा इश्क तो वह है जो रूह की इबादत बन जाए, जैसे राधा-कृष्ण का निस्वार्थ समर्पण। यह कविता उन भावों का निचोड़ है, जहाँ प्रेम का मतलब पाना नहीं, बल्कि एक-दूसरे के सम्मान और भरोसे में खुद को तलाशना है। यह रूहानी इश्क जिस्म की चाहत से बहुत दूर, शांति और सुकून का दूसरा नाम है। उम्मीद है, यह कविता उन अनकहे एहसासों को बयां कर पाएगी, जो शब्दों के मोहताज नहीं, बल्कि रूह से रूह की पुकार हैं...!


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इश्क लफ्ज़ छोटा है, पर खूबसूरत है,

ये रूह की इबादत, खुदा सा यकीन है,

इश्क हीर-रांझे की अमर कहानी में है,

इश्क शिव-सती की पावन निशानी में है...!

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राधा-कृष्ण के त्याग का यह नाम है,

मीरा की अटूट दीवानगी का जाम है,

इश्क बहते हुए निर्मल पानी की धार है,

जिसे देख न पाए, ऐसा यह संसार है...!

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इश्क बंद आँखों में सजता एक ख्वाब है,

हर दर्द-परेशानी का मुकम्मल जवाब है,

इश्क साथ हो तो गम में भी मुस्कान है,

राहों का साथी, मंज़िल का अरमान है...!

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इश्क वो इंतज़ार है जो सबसे होता नहीं,

वो भरोसा है जो कभी टूटता नहीं,

इश्क जिस्म की चाहत से अनजान है,

एक दूजे के लिए दिल में बस सम्मान है...!

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इसके होने से हर लम्हा सुकून है,

खामोशी में छुपा ये गहरा जुनून है,

इश्क जिससे हो जाए, वही भगवान है,

रूह से जुड़ जाए, तो यही पहचान है,

इश्क की अपनी ही एक जुबानी है,

समझ सको तो इश्क रूहानी है...!

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👉 शुक्रिया 👈

आपकी अपनी 🌹 

Ahasas Dayri 📕

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कुछ अनकहे सवाल (आपका नजरिया):-

इस कविता को लिखने के बाद, मेरे मन में कुछ सवाल हैं:-

● आपके हिसाब से रूहानी इश्क का असली मतलब क्या है ?

● कविता की कौन सी लाइन आपको सबसे ज्यादा पसंद आई ?

● क्या आपको भी लगता है कि सच्चा इश्क सिर्फ सम्मान पर टिका होता है ?

● राधा-कृष्ण या शिव-सती, किसकी प्रेम कहानी आपको सबसे पावन लगती है ?

● एक शब्द में बताइए "इश्क" आपके लिए क्या है ?

● नीचे कमेंट्स में अपनी अहसास साझा करें।

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निष्कर्ष (Conclusion):-

'इश्क रूहानी' महज एक कविता नहीं, बल्कि उस गहरे यकीन की दास्तान है जो बिना कहे सब कुछ समझ लेता है। जब प्रेम में 'सम्मान' की नींव हो और समर्पण का भाव हो, तभी वह इश्क रूहानी बनता है। यह कविता हमें याद दिलाती है कि सच्चा प्यार वो है जो मुश्किल समय में भी मुस्कान बन जाए और राहों का साथी बनकर मंजिल तक साथ निभाए। अंत में, इश्क कोई सौदा नहीं, बल्कि वह इबादत है जिसे महसूस करने वाला ही इसकी गहराई को जान सकता है। उम्मीद है, यह कविता आपके दिल के किसी कोने को छू पाएगी और आपको प्रेम की इस रूहानी शक्ति के बारे में सोचने पर मजबूर कर देगी।


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