__________________________ तुम किसी और के हो पर मेरे हो

तुम किसी और के हो पर मेरे हो

★ तुम किसी और के हो पर मेरे हो ★

दोस्तों, आज की मेरी यह कविता "तुम किसी और के हो पर मेरे हो" एक ऐसे प्यार के बारे में है, जो मिल तो नहीं सका, लेकिन दिल से कभी दूर भी नहीं हुआ। कभी-कभी ज़िंदगी हमें ऐसे मोड़ पर खड़ा कर देती है जहाँ चाहकर भी हम अपने प्यार को अपना नहीं सकते।

इस कविता में मैंने उस दर्द और खामोशी को लिखने की कोशिश की है, जहाँ एक इंसान दुनिया की नज़र में किसी और का हो जाता है, लेकिन रूह से वह आज भी किसी और का ही रहता है। यह उन लोगों के जज़्बातों का आईना है जो अपनी मोहब्बत को खोकर भी उसकी खुशी की दुआ करते हैं।

अगर आपने भी कभी ऐसी किसी अधूरी मोहब्बत को महसूस किया है, तो यह कविता सीधे आपके दिल को छुएगी। इसे पूरा ज़रूर पढ़ें और अपने अहसास साझा करें...!

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बिछड़ कर भी जो जुदा न हो पाए...!

वो पास तुम्हारे बैठती है,

वो साथ तुम्हारे चलती है,

पर तुम्हें याद कर-करके यहाँ,

एक लड़की पल-पल मरती है,

वो दुनिया को बतलाती है,

कि तुम बस उसके अपने हो,

पर कैसे कहूँ कि तुम तो मेरे,

आँखों के प्यारे सपने हो...!

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एक अनकहा सवाल...!

वो मांगती होगी हक़ अपना,

तुम मना नहीं कर पाते हो,

पर सच-सच कहना ऐ पागल,

तुम किसकी याद में खोते हो,

जब वो छूती होगी तुमको,

क्या तुमको अच्छा लगता है,

या बंद अँधेरे कमरे में,

मेरा ही चेहरा सजता है...!

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किस्मत का खेल...!

इस दुनिया की मजबूरियों ने,

कैसा ये खेल रचाया है,

जो सिर्फ मेरा हो सकता था,

उसे किसी और का बनाया है,

मैं छुप-छुप कर रो लेती हूँ,

तस्वीर तुम्हारी तकती हूँ,

तुम खुश हो सको अपनी दुनिया में,

बस यही दुआ मैं करती हूँ...!

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रूह का सच्चा नाता...!

तुम चाहे जिसके हो जाओ,

पर दिल से मुझे न भुलाओगे,

जब भी प्यार का नाम आएगा,

तुम रोकर मेरे पास आओगे,

हाँ, किस्मत ने और दुनिया ने,

तुमको मुझसे दूर किया,

पर इस रोते हुए दिल ने तो,

बस तुमको ही कुबूल किया...!

➢➣❤️➢➣


👉 शुक्रिया 👈

आपकी अपनी 🌹 

Ahasas Dayri 📕

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कुछ अनकहे सवाल (आपका नजरिया):-

प्यार की इस कहानी को लिखने के बाद, मेरे मन में कुछ सवाल हैं जो अक्सर मुझे परेशान करते हैं:-

● क्या आपको भी लगता है कि किस्मत और मजबूरियां सच्चे प्यार को अलग कर देती हैं ?

● कविता की कौन सी लाइन आपके दिल को सबसे ज्यादा छू गई ?

● क्या दूर रहकर भी किसी की खुशी की दुआ करना ही सच्चा प्यार है?

● जब कोई अपना किसी और का हो जाए, तो उस दर्द को कैसे संभाला जाए ?

● नीचे कमेंट्स में अपनी अहसास साझा करें।

निष्कर्ष (Conclusion):-

प्यार में जुदाई का दर्द गहरा होता है, लेकिन यह हमें जीना भी सिखाता है। अगर आप भी कभी ऐसी स्थिति से गुजरे हैं, तो यकीन मानिए, आप अकेले नहीं हैं। रूह के रिश्ते कभी खत्म नहीं होते, वे बस अपनी जगह बदल लेते हैं। आपकी राय मेरे लिए बहुत मायने रखती है। नीचे कमेंट्स में अपने अहसास साझा करें। क्या आपने भी कभी किसी के लिए ऐसी खामोश दुआ की है ? मुझे जरूर बताएं।

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