★ एक अधूरा सुकून ★

खुदा जब पूछेगा मुझ से,

सब तो था तेरे पास,

फिर क्यों चुनी तूने वो दर्द भरी राह,

तो मैं मुस्कुरा कर कहूँगी, 

ऐ खुदा दुनिया ने तो मुझे,

बस सम्भाला था,

पर उसने मुझे अंदर तक छुआ था...!

उसका आना ऐसा था,

जैसे तपती दुपहरी में अचानक,

ठंडी हवा चल जाए,

जैसे बरसों की थकान के बाद,

एक गहरी और सुकून भरी,

नींद आ जाए...!

लोग कहते हैं उसने,

मुझे बर्बाद कर दिया,

पर सच तो यह है कि,

उसके बिना मैं कभी,

आबाद थी ही नहीं,

दुनिया जिसे जुदाई कहती है,

वो हमारे मिलने का एक,

अलग ही रास्ता था...!


                         अब कोई दुख नहीं,

कोई शिकायत नहीं,

उसने मुझे इस तरह अपनी,

यादों से भर दिया है,

कि अब मैं अकेली भी रहूँ,

तो मेरा दिल कभी अकेला नहीं होता...!


🌸 शुक्रिया 🌸 


आपकी अपनी 🌹 

Ahasas Dayri 📕


● क्या आपके जीवन में भी कोई ऐसा है, जिसने दूर रहकर भी आपके दिल को सुकून से भर दिया हो ?


● दुनिया जिसे बर्बादी कहती है, वो असल में आबाद होना है। क्या आप कविता की इस बात से सहमत हैं ?


● इस खूबसूरत कविता की कौन सी लाइन आपके दिल के सबसे करीब लगी ?


● क्या कभी किसी की यादों ने आपको अकेलेपन में भी एक गहरा सुकून दिया है ?


● आपके हिसाब से सच्चा प्यार क्या है—हमेशा साथ रहना या दूर रहकर भी रूह से जुड़े रहना ?


● नीचे कमेंट्स में अपनी अहसास साझा करे।