★हमारी पहली मुलाकात ★

कितनी बातें अधूरी थीं, जो आज पूरी हुई हैं,

शुक्र है कि खत्म आखिर, ये दूरी हुई है...!


आपको सामने देख कर, दिल खिल सा गया,

जैसे बरसों पुरानी, कोई अपनी मिल सी गई...!

आप जितनी प्यारी हैं, उतनी मीठी बातें आपकी,

सुलझा दी आपने आज,अनकही यादें मेरी...!


जब आप बोल रही थीं, मैं बस सुनती रही,

वो हँसी, वो चहकना, वो दिल को छू लेना,

बिना कुछ कहे ही, सब कुछ कह देना...!

इंतज़ार लंबा था, पर आज वो भी हसीन लगी,

ना जाने कितनी बार वक़्त ने हमें रोका था,

पर आज की इस शाम का,अलग ही झोंका था...!


लगा ही नहीं कि हम, पहली बार मिले हैं,

मुलाकात छोटी थी मगर, यादें बड़ी दे गई,

आपकी वो सादगी, मेरे दिल में जगह बना गई...!

शुक्र है उस खुदा का, जिसने ये दिन दिखाया,

इतनी प्यारी दोस्त से, आखिर आज मिलाया...!


ये सिलसिला बातों का,अब यूँ ही चलता रहे,

दोस्ती का ये रिश्ता हमारा, हमेशा यू ही बना रहे...!




🌸 शुक्रिया 🌸  


आपकी अपनी 🌹 

Ahasas Dayri 📕 



● क्या आपको कभी किसी से पहली बार मिलकर ऐसा लगा है कि आप उन्हें बरसों से जानते हैं ?


● क्या आपको भी चमक-धमक से ज़्यादा लोगों की सादगी और मीठी बातें पसंद आती हैं ?


● क्या आपके साथ भी ऐसा हुआ है कि लंबा इंतज़ार करने के बाद मिली खुशी सबसे प्यारी लगी हो ?


● क्या आपकी लाइफ में भी कोई ऐसा दोस्त है जिससे मिलकर लगता है कि वक्त वहीं रुक जाए ?


● इस कविता की कौन सी लाइन आपको अपने किसी खास दोस्त की याद दिलाती है ?


● नीचे कमेंट्स में अपनी अहसास साझा करे ।