★ यादों वाली होली - एक खूबसूरत सफर ★
दोस्तों,आज की मेरी यह कविता मेरे जीवन की एक ऐसी किताब का पन्ना है जिसे मैं हमेशा अपने दिल केकरीब रखती हुँ। यह सिर्फ शब्द नहीं बल्कि मेरे दिल की वो धड़कने हैं जो आज भी उन बीते हुए पलों को हर रोज़ महसूस करती हैं। यह कहानी है उस 'यादों वाली होली' की, जो मेरे लिए सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि उन खूबसूरत दिनों का आईना है जो अब यादों का हिस्सा बन चुके हैं। उन पलों की कहानी जिन्हें मैं चाहकर भी कभी नहीं भूल सकती, यह उन यादों का सफर है जो आज भी मेरी आँखों में नमी और चेहरे पर मुस्कान एक साथ ले आती जब हम साथ थे, तब होली का त्यौहार सिर्फ रंगों का नहीं, बल्कि हमारी अटूट दोस्ती का जश्न हुआ करता था। भले ही समय बदल गया हो, लेकिन वो यादें आज भी मेरे लिए उतनी ही ताज़ा और कीमती हैं। अगर आपने भी अपनी ज़िंदगी में ऐसे दोस्त खोए हैं या अपनी पुरानी यादों को आज भी दिल के करीब रखा है, तो यह कविता आपकी अपनी कहानी बन जाएगी। इसे पूरा ज़रूर पढें और अपनी यादों को एक बार फिर जी लें...!
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फिर वही फागुन आया है,
फिर यादों का मेला है,
पर इस बार दिल मेरा,
इन गालियों में अकेला है,
वो इंतजार करना खिड़की पर,
कि कब तुम दोनों आओगी,
इंतज़ार की घड़ियाँ गिनते,
जब फागुन का चाँद आता था,
हम तीनों की टोली का,
एक अलग ही समां बंध जाता था...!
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श्रद्धा और संध्या का मेरे घर,
वो भाग कर आना,
वो मस्ती और वो रंग,
कभी गुलाल का टीका,
तो कभी रंगों की बौछार,
हम तीनों की टोली का था,
सबसे अलग ही खुमार,
चेहरे पहचान मे न आते थे,
इतने लाल हो जाते थे हम,
एक दूजे को रंगने मे,
न कभी थकते थे हम...!
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रंगों से जब थक जाते,
तो भूख का डेरा होता था,
माँ के हाथों की गुजिया पर,
बस हक हमारा होता था,
वो सादी सी रोटी भी,
पकवानों से बढ़कर लगती थी,
जब हम तीनों साथ बैठते,
तो हर चीज़ संवरती थी...!
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वो पागलों वाली बातें करना,
जिसका न सिर न पैर था,
बिना बात के हँसना ऐसा,
जैसे खुशियों की कोई लहर था,
हमें होश नहीं रहता था,
कि दुनिया हमें क्या कहेगी,
हमें पता था ये यादें,
उम्र भर हमारे साथ रहेगी...!
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फिर निकलता था वो फोन,
और सेल्फी का दौर चलता था,
हर तस्वीर में एक नया,
पागलपन सा ढलता था,
वो टेढ़े-मेढ़े पोज़ बनाना,
और फिर हँसते हुए गिर जाना,
उन 'अजीब' फोटो में ही तो था,
असली प्यार का खज़ाना...!
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आज भी जब गैलरी में,
वो पुरानी फोटो दिखती है,
दिल की धड़कन उन लम्हों को,
फिर से जीने लगती है,
आशा के संग जब खिलते थे,
श्रद्धा - संध्या के रंग,
सबसे प्यारी होती थी,
हमारी होली तीनों संग,
एक जान थे,
सच कहूँ तो वो दिन ही,
हमारी ज़िंदगी की शान थे...!
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आशा, श्रद्धा और संध्या ये नाम नहीं,
एक सुकून है,
पुरानी यादें ताजा करने का
आज फिर मुझमे जुनून है,
भले ही वक्त बदल गया,
पर वो अहसास आज भी भारी है,
हमारी वो पागलों वाली होली,
दुनियां में सबसे प्यारी हैं...!
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वक़्त की धूल जम गई शायद,
पर रंग अब भी गाढ़ा है,
हमारी दोस्ती का रिश्ता,
हर त्यौहार से भी प्यारा है...!
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𝀈𝀈𝀈✍️𝀈𝀈𝀈
👉 शुक्रिया 👈
आपकी अपनी 🌹
Ahasas Dayri 📕
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कुछ अनकहे सवाल (आपका नजरिया):-
इस कविता को लिखने के बाद, मेरे मन में कुछ सवाल हैं:-
● कविता में सहेलियों के आने का इंतज़ार कहाँ बैठकर किया जा रहा है ?
● चेहरे इतने लाल हो जाते थे कि पहचानना मुश्किल होता था—क्या आपके साथ भी कभी ऐसा हुआ है ?
● रंगों से थकने के बाद माँ के हाथ की कौन सी चीज़ सबसे ज़्यादा याद आती है ?
● आशा, श्रद्धा और संध्या के रिश्ते को कवयित्री ने क्या नाम दिया है ?
● आपकी लाइफ में वो कौन से दो दोस्त हैं, जिनके बिना आपकी होली अधूरी रहती थी ?
● इस कविता की कौन सी बात आपको अपने बीते दिनों की याद दिलाती है ?
● क्या आपको भी लगता है कि बचपन वाली होली आज की होली से ज़्यादा 'रंगीन' थी ?
● नीचे कमेंट्स में अपनी अहसास साझा करें।
लेखिका की कलम से(निष्कर्ष):-
"यादों वाली होली" केवल रंगों का एक त्यौहार नहीं, बल्कि उन अनमोल लम्हों का संग्रह है जो हमारे जीवन को अर्थ देते हैं। समय की गति के साथ भले ही परिस्थितियाँ बदल जाएँ और लोग दूर हो जाएँ, लेकिन उन बीते दिनों की मिठास और दोस्तों के साथ बिताया गया वह निश्चल बचपन हमेशा हमारे दिल के किसी कोने में जीवित रहता है।
यह कविता हमें यह एहसास दिलाती है कि असली ख़ुशी महँगे उपहारों या दिखावे में नहीं, बल्कि उन सादी रोटियों, माँ के हाथों की बनी गुजिया और दोस्तों के साथ की गई बेफ़िक्र मस्ती में छुपी होती है। आज जब हम अपनी व्यस्त जीवनशैली में उन पुरानी तस्वीरों को देखते हैं, तो वे हमें फिर से जीने का हौसला देती हैं। अंततः, दोस्ती का वह बंधन और साझा किए गए वे खट्टे-मीठे पल ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी हैं, जो वक्त की धूल जमने के बाद भी पहले से कहीं अधिक गहरे और प्यारे लगते हैं।










2 Comments
Beautiful memories frnds ke sath life maje hi maje lagte hai.
ReplyDeleteबहुत सुंदर पल है
ReplyDeleteशब्दों में ढालिए अपने खयालात,
हम सुनने को बेताब हैं। ✍️📖
दिल से दिल तक पहुँचे जो अहसास,
वही तो सबसे खास हैं। 🤗💖
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